अनराज डैम अपनी हरियाली, पहाड़ों, और विदेशी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है
अनराज डैम, गढ़वा जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दक्षिण में, राष्ट्रीय राज्यमार्ग 343 पर स्थित है। यह डैम लगभग 1 किलोमीटर लंबा और 28 मीटर ऊंचा है, जो गोवाल क्षेत्र की हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई करता है। इसके पानी से 30 गांवों के खेतों की सिंचाई होती है, जिससे इसे जिले की महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं में गिना जाता है। 1982 में इसका उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा किया गया था। अनराज डैम अपनी हरियाली, पहाड़ों, और विदेशी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है, जिसे देखने सैलानी दूर-दूर से आते हैं। साथ ही, 2024 में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग द्वारा यहां जल क्रीड़ा एवं सहायक क्रीड़ा की शुरुआत की गई है, जिससे पर्यटकों को रोमांचक अनुभव मिलेगा।
अनराज डैम गढ़वा जिला मुख्यालय के समीप है. इस डैम में विदेशी पक्षियों को देखने सैलानी दूर-दूर से आते हैं. इसके अलावा आसपास की हरियाली और पहाड़ मन मोह लेते हैं. अनराज डैम जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दक्षिण दिशा में राष्ट्रीय राज्यमार्ग 343 पर स्थित है.
अनराज डैम लगभग 1 किलोमीटर लंबा और 28 मीटर ऊंचा है. डैम से गोवाल क्षेत्र के हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई होती है. लगभग 30 गांवों के लोग इस डैम से निकली नहर के पानी से अपने खेतों की सिंचाई करते हैं. जिला की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में एक लघु सिंचाई योजना काम अनराज डैम से होता है. साल 1982 में अनराज डैम का उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूर्व विधायक युगलकिशोर के आग्रह पर किया था. साथ ही, 2024 में पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद, एवं, युवा कार्य, विभाग द्वारा यहां जल क्रीड़ा एवं साहसिक क्रीड़ा की शुरुआत की गई है, जिससे पर्यटकों को रोमांचक अनुभव प्राप्त होगा